Shraddha Dubey Arrested: लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, वह लगातार शहर और ठिकाने बदल रही थी। होटल में पहचान छिपाने से लेकर टोल पार करने के बाद गाड़ी बदलने तक, उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई तरीके अपनाए। आखिर नेपाल से उत्तर प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र के नागपुर तक वह कैसे पहुंची? 9 अक्टूबर को हुई शिवा की मौत जानकारी के मुताबिक, 9 अक्टूबर की रात शिवा शर्मा की उसके फ्लैट में मौत हो गई थी। अगले दिन 10 अक्टूबर को उसकी मां रंजना शर्मा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। इसमें श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और दो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। मामले में नाम सामने आने के बाद श्रद्धा फरार हो गई। जांच के दौरान उसकी गाड़ी बहराइच के रुपईडीहा इलाके में लावारिस हालत में मिली। नेपाल में होटल से शुरू हुई तलाश पुलिस जांच के मुताबिक, 11 अक्टूबर को श्रद्धा नेपाल के महिमनगर में ई-रिक्शा पर दिखाई दी थी। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में उसके साथ बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर भी नजर आए। बताया गया कि तीनों ने एक सस्ते होटल में कमरा लिया था। होटल में पहचान के लिए ड्राइवर का आधार कार्ड इस्तेमाल किया गया। इसके बाद श्रद्धा नेपाल के दांग जिले पहुंची। वहां कुछ समय के लिए फोन चालू हुआ, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन का सुराग मिला। बाद में उसने फोन बंद कर दिया और नेपाली सिम के जरिए संपर्क किया। नेपाल से रायबरेली फिर लखनऊ पहुंची पुलिस के अनुसार, श्रद्धा ने 15 अक्टूबर को नेपाल छोड़ा और कुशीनगर के रास्ते भारत में दाखिल हुई। 16 अक्टूबर को वह रायबरेली पहुंची। वहां उसने एक वाहन छोड़ दिया और दूसरी टैक्सी से सारस तिराहे तक गई। इसके बाद किराये की आर्टिगा कार से लखनऊ पहुंची। रिपोर्टों के मुताबिक, रायबरेली में उसकी एक सट्टा कारोबारी से मुलाकात भी हुई थी। उसी दिन श्रद्धा ने एक न्यूज एजेंसी को बयान दिया और अग्रिम जमानत के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की। इसके बाद वह फिर लापता हो गई। आगरा के होटल से नागपुर तक का सफर जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ से श्रद्धा आगरा पहुंची और ओम पैलेस होटल में करीब 24 घंटे रुकी। इस दौरान उसकी बहन और ड्राइवर भी साथ थे। होटल के सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा बुर्का पहने दिखाई देने की बात सामने आई है। इसके बाद तीनों महाराष्ट्र के नागपुर चले गए। पुलिस सूत्रों का दावा है कि सफर के दौरान उन्होंने अपने सामान्य फोन इस्तेमाल नहीं किए। संपर्क के लिए अलग फोन इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी जताई गई है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान किसी अन्य व्यक्ति ने उन्हें मदद या सलाह दी थी या नहीं। टोल पार करते ही बदल देती थी गाड़ी? पुलिस सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा रास्ते में टोल पार करने के बाद वाहन बदल देती थी। जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि उसने संपर्क करने के लिए दूसरे लोगों के फोन इस्तेमाल किए। 20 अक्टूबर की शाम यूपी पुलिस, एसटीएफ और नागपुर पुलिस के संयुक्त प्रयास से श्रद्धा को गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस उसकी फरारी, संभावित मददगारों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आगे की जानकारी पूछताछ और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ये भी पढ़ें: श्रद्धा दुबे केस में पुलिस पर फिर गिरी गाज! ACP हजरतगंज हटाए गए, 10 दिन से फरार मुख्य आरोपी ने जारी किया नया वीडियो